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आज पीएम मोदी करेंगे करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन, जानिए इस यात्रा के नियम?

करतार कॉरिडोर में भारत की तरफ से 3.8 किमी लंबी सड़क बनाई गई है। पाकिस्तान की तरफ की सड़क 4 किमी लंबी है और बीच में एक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनी है।

नई दिल्ली। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डेरा बाबा नानक से श्री करतारपुर साहिब जाने के लिए बना कॉरिडोर संगत को समर्पित करेंगे। पीएम 550 लोगों के जत्थे को करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान के लिए रवाना करेंगे। इस जत्थे में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा सांसद, मंत्री व विधायक और देश के तमाम राज्यों से एक एक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

यह कॉरिडोर में भारत की तरफ से 3.8 किमी लंबी सड़क बनाई गई है। पाकिस्तान की तरफ की सड़क 4 किमी लंबी है और बीच में एक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनी है। भारत की ओर 300 फीट ऊंचा तिरंगा झंडा लगाया गया है, जो 5 किमी दूर तक दिखाई देगा।

इस कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान के कस्बे करतारपुर को पंजाब के गुरुदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक के साथ जोड़ा गया है। भारत से लगी सीमा से करीब 4 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां पर गुरुनानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 साल बिताए। जहां 16वीं शताब्दी में गुरु नानक देव जी ज्योति जोत में समा गए थे।

पीएम मोदी डेरा बाबा नानक में लैंड पोर्ट अथॉरिटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। साथ ही कॉरिडोर और यात्री टर्मिनल बिल्डिंग (पीटीबी) का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में भी माथा टेकने जाएंगे। वहां वे एसजीपीसी द्वारा आयोजित समारोह में शिरकत करेंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। बता दें कि पिछले साल भारत में 26 नवंबर को और पाकिस्तान में 28 नवंबर को इस कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया था।

यात्रा पर जाने के नियम और शर्तें

करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने की पहली शर्त उम्र की है। 13 साल से 75 साल तक के श्रद्धालु ही पवित्र यात्रा पर जा सकते हैं। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के खुले दर्शन के लिए कॉरिडोर पूरे साल खुला रहेगा। हर रोज करीब 5,000 श्रद्धालु दर्शन करने जा सकेंगे। इसके लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है, लेकिन पासपोर्ट जरूरी होगा। शर्त यह है कि अगर श्रद्धालु कॉरिडोर से गए तो फिर करतारपुर साहिब से आगे नहीं जा सकेंगे।

इसके अलावा श्रद्धालुओं को उसी दिन शाम तक वापस आना होगा। श्रद्धालु अपने साथ 7 किलो से ज्यादा वजन का सामान नहीं ले जा सकते। यात्रा के दौरान 11,000 रुपए से ज्यादा की भारतीय करेंसी भी अपने पास नहीं रख सकते हैं। श्रद्धालुओं को सिक्के ले जाने की भी परमिशन नहीं है। श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ जाने के लिए अनुमति लेनी होगी और निर्धारित शुल्क भरना होगा। हर श्रद्धालु को 20 डॉलर यानी 1400 रुपए का शुल्क देना होगा।

तीर्थयात्रा के दौरान पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल करना होगा। पॉलीथीन बैग पर पूर्ण पाबंदी है। गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स के भीतर धूम्रपान, मदिरा-पान और तंबाकू के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होगी। तेज आवाज में संगीत बजाना और बिना अनुमति अन्य लोगों की तस्वीरें लेने की मंजूरी भी नहीं होगी।

श्रद्धालु अपने साथ वाई-फाई, ब्रॉडबैंड उपकरण, भारत या पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देने वाले झंडे-बैनर, शराब अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे। इन वस्तुओं को प्रतिबंधित सूची में रखा गया है। आग्नेयास्त्र और गोला बारूद, विस्फोटक पदार्थ, मादक पदार्थ, चाकू और ब्लेड, जाली नोट, मोहर और सिक्के, भारत और पाकिस्तान की बाहरी सीमाओं के गलत चित्रण वाले मानचित्र और साहित्य ले जाने पर मनाही है। सभी प्रकार के कृपाणों को ले जाने की इजाजत है।