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इमरान के वादे पर PAK आर्मी का ‘Strike’, करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट जरुरी

पाकिस्तान आर्मी ने करतारपुर आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट अनिवार्य कर दिया है, जबकि इमरान खान ने एक नवंबर को कहा था कि पासोपर्ट की कोई जरुरत नहीं है।

गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश वर्ष का समय बेहद करीब आ गया है और सिक समुदाय के लोग करतारपुर में गुरुनानक जी के दर्शन को उत्सुक हैं।

लेकिन इन सबके बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पाकिस्तान की इमरान सरकार ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं को बिना पासपोर्ट के करतारपुर आने के लिए अनुमति दी थी, पर अब पाकिस्तान आर्मी ने इसमें अड़ंगा लगा दिया है।

पाकिस्तान आर्मी ने इमरान सरकार के पैसले पर वीटो लगाते हुए करतारपुर आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में अब जब प्रकाशपर्व को महज एक सप्ताह से बी कम का वक्त रह गया है, तो सवाल उठ रहा है कि सिख श्रद्धालु कैसे प्रकाशपर्व में शामिल हो पाएंगे।

इमरान खान ने कहा था पासपोर्ट की जरूरत नहीं

आपको बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक नवंबर को एक ट्वीट करते हुए कहा था कि करतारपुर आने वाले भारतीयों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा था कि श्रद्धालुओं के पास केवल एक वैध दस्तावेज होना चाहिए। इसके साथ ही इमरान खान ने यह भी कहा था कि श्रद्धालुओं को 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराने की बाध्यता से छूट दे दी गई है। हालांकि अब इमरान की पासपोर्ट छूट को पाकिस्तानी सेना ने मानने से इनकार कर दिया है।

पाक विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान गुरुवार को आया कि 9 नवंबर और 12 नवंबर को जो अतिरिक्त तीर्थयात्री आएंगे उनसे 20 डॉलर की फीस नहीं ली जाएगी।

शनिवार को होगा करतारपुर गलियारे का उद्घाटन

बता दें कि प्रधानमंत्री इमरान खान करतारपुर गलियारे का उद्घाटन शनिवार को करेंगे। यह गलियारा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में इस हफ्ते खोला जा रहा है।

करतारपुर गलियारा भारत के पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित करतारपुर के दरबार साहिब से जोड़ेगा। यह गुरुद्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

MoU में पासपोर्ट जरूरी

गौरतलब है कि करतारपुर कॉरिडोर पर भरात-पाकिस्तान के बीच 23 अक्टूबर को एक MoU पर हस्ताक्षर हुए थे। MoU  में साफ तौर पर यह लिखा गया है कि करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट जरूरी होगा। लेकिन इमरान खान के ट्वीट के बाद भर्म की स्थिति बन गई। अब पाकिस्तानी सेना के रूख से तीर्थयात्रियों में संदेह की स्थिति है।