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अब डेट नहीं, राम मंदिर पर फैसले के शेष हैं ये चार दिन

वह पहले ही बता चुके हैं कि राम मंदिर मुद्दे पर फैसला टालने का सवाल ही नहीं होता है। रिटायर होने से पहले पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ अपना फैसला इस मुद्दे पर सुनाएगी।

नई दिल्ली। अयोध्या ​स्थित राम मंदिर बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर फैसले की तारीख के अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। अक्टूबर, 2019 में सुनवाई पूरी होने के बाद इस समय सभी पक्षों के वकीलों के दावों और सबूतों की जांच के साथ ही फैसला लिखा जा रहा है। वहीं अयोध्या से लेकर देशभर में इस बात की चर्चा लोगों में है कि आखिर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला किस तारीख को आएगा।

बता दें कि 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर होने वाले हैं। इस विवाद को लेकर वह पहले ही बता चुके हैं कि राम मंदिर मुद्दे पर फैसला टालने का सवाल ही नहीं होता है। रिटायर होने से पहले पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ अपना फैसला इस मुद्दे पर सुनाएगी।

इस मामले में कुछ लोगों का कहना है कि अयोध्या पर फैसला शुक्रवार यानि 8 नवंबर को भी आ सकता है। फैसले का समय हो सकता है दोपहर साढ़े तीन बजे। जबकि कुछ अन्य लोगों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ मंगलवार यानी 12 नवंबर के बाद इस मामले में फैसला सुनाएगी। यानी 13 से 16 नवंबर के बीच किसी भी दिन।

इन संभावित तारीखों में से 13 नवंबर या फिर 14 नवंबर को फैसला आने की संभावना जताई जा रही है। कोर्ट के कैलेंडर पर गौर करें तो कार्यदिवसों में 8 नवंबर हैं। 9, 10, 11 और 12 नवंबर अवकाश का दिन है। फिर कार्तिक पूर्णिमा के बाद कोर्ट 13, 14 और 15 नवंबर को ही खुलेगा। 16 नवंबर को शनिवार है और 17 को रविवार है। 17 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर हो जाएंगे। यानि राम मंदिर पर फैसले के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास केवल चार दिन बचे हैं। इन कार्यदिवसों में 8, 13, 14 और 15 नवंबर का दिन शामिल है।

दूसरी तरफ राम मंदिर पर फैसले को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। अयोध्या व आसपास के क्षेत्रों पर ड्रोन से नजर रखने का काम जारी है। भारी संख्या में अयोध्या व आसपास के जिलों में हजारों की संख्या में सुरक्षा बल मुहैया कराए गए हैं।

कहने मतलब है कि अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले अयोध्या प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। प्रशासन की ओर से पंच कोसी परिक्रमा को लेकर अलग व्यवस्था की गई है। ड्रोन से अयोध्या शहर की निगरानी की जा रही है। अयोध्या को लेकर स्थानीय प्रशासन ने पीस कमेटियां बनाई हैं।

स्कूल और प्राइवेट बिल्डिंगों को अस्थायी जेल के लिए चिन्हित किया गया है। अयोध्या के हर इलाके में फोर्स की तैनाती की गई है। जानकारी के मुताबिक अतिरिक्त सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियां भेजी है। इन 40 कंपनियों में 4 हजार पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान शामिल हैं।