Categories
फैक्ट फाइल

जानिए अयोध्‍या की सुरक्षा के लिए बाहर से क्यों मंगवाए जा रहे हैं सुरक्षा बलों के जवान?

उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को देखते हुए सुरक्षा संबंधी तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। ताकि शीर्ष अदालत का फैसला किसी के पक्ष में आए, यूपी में अमन चैन बनी रहे।

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े और पुराना राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अगामी दो सप्ताह के अंदर आ जाएगा। इस बात को लेकर उत्तर प्रदेश शासन और प्रशासन की चिंता अभी से बढ़ गई हैं। प्रशासन ने अशांति की आशंका के मद्देनजर अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। ताकि शीर्ष अदालत का फैसला चाहे किसी के पक्ष में आए, यूपी में अमन चैन बनी रहे। आइए हम आपको बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर शासन—प्रशासन की ओर अभी से क्या क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रभावी रणनीति पर मंथन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए यूपी पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) पीवी रामाशास्त्री ने अयोध्या में पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ एक नवंबर, 2019 को बैठक की। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के मद्देनजर उत्पन्न होने वाली संभावित हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी रणनीति पर मंथन किया।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के सवाल पर एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि कुछ महीनों से अयोध्या की सुरक्षा को सुदृढ़ करने, पुलिसकर्मियों से हालात से निपटने के लिए अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है। एडीजी ने संभावित फैसले को देखते हुए अयोध्या की सुरक्षा को लेकर सभी तरह की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। फोर्स की तैनाती के साथ उनकी सही ब्रीफिंग करने पर बल दिया जा रहा है।

किलेबंदी का काम शुरू

अयोध्या में शांति बनाए रखने के लिए अभी से सिविल फोर्स, पीएसी और केंद्रीय पुलिस बल के जवान तैनात किए जा रहे हैं। एडीजी (कानून-व्‍यवस्‍था) ने बाहर से पर्याप्त फोर्स मंगाकर अयोध्‍या में तैनाती के आदेश दिए हैं। फायर सर्विस ऐंटी सेबोटाज टीम और डॉग स्‍क्‍वॉड व अन्य सुविधाओं को मुस्तैद रखा जा रहा है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अयोध्या में अभी से पीस कमेटी की बैठकें शुरू कर दी गई हैं। बेहतर माहौल बनाए रखने के लिए जिले के अधिकारी आम जनता के साथ संवाद कर उन्‍हें सुरक्षा का भरोसा दिला रहे हैं।

खाली कराए गए 120 कॉलेज

अयोध्‍या के 120 कॉलेजों में फोर्स को ठहराने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस बात को भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन कॉलेजों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हों। इन कॉलेजों में केवल एक तिहाई कमरे ही फोर्स के लिए आरक्षित किए गए हैं। मसलन जिनमें 20 कमरे हैं, उनमें से केवल 7 को ही सुरक्षा बलों के लिए आरक्षित किया गया है। डीएम ने बताया कि फोर्स को हिदायत दी गई है कि वे शिक्षण कार्य में बाधा नहीं पहुंचाएं।

धर्मगुरुओं ने की इस बात की अपील:

हिंदू पक्षकार और नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास

साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के दौरान भी सभी लोगों ने संयम रखा था। पहले की तरह इस बार भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने पर सभी लोगों को उसका सम्मान करें।

बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी

सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को मानना चाहिए। भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का धर्म है। फैसला आने पर इस धर्म का पालन सभी लोग ईमानदारी से करें।

टाटशाह मस्जिद के इमाम मौलाना समसुल कादरी

सभी पक्षों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कहा है अपना मुल्क बचा के रखें। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान ही देश का सम्मान है। फैसले के दिन खुद को अपने कामों में व्यस्त रखें और अफवाहों से बचें। फैसला जो भी हो भाईचारा बना रखें।