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कनाडा चुनाव: जस्टिन की वापसी में कैसे सिख बने किंगमेकर

नई दिल्ली। कनाडा में हाल ही संसदीय चुनाव संपन्न हुए हैं और एक बार फिर से प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बाज़ी मारी है। हालांकि इस बार वे पूर्ण बहुमत से दूर रह गए।

लिहाजा सरकार बनाने के लिए अब उन्हें सहयोगी की जरूरत है। ऐसा माना जा रहा है कि जस्टिन जगमीत सिंह से समर्थन मांग सकते हैं।

जगमीत सिंह की अगुवाई वाली न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 15.9% फीसदी वोट के साथ 24 सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि इस बार एनडीपी की सीटें 39 से कम होकर 24 हो गईं।

लिबरल पार्टी को मिली 157 सीटें

जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी के लिए यह चुनाव बहुत की कठिन रहा, लेकिन फिर भी 157 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रहे।लिबरल पार्टी 338 सीटों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स में सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़े से 20 सीटें दूर रह गई।

लिहाजा अब सत्ता की चाबी जगमीत सिंह की अगुवाई वाली न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के पास है। जगमीत सिंह किंगमेकर की भूमिका में है। हालांकि जगमीत ने ‘किंगमेकर’ की भूमिका पर अपना पक्ष पहले ही स्पष्ट कर दिया है।

उन्होंने कहा कि अब जब ट्रूडो अल्पमत हैं तो मुझे उम्मीद है वो इस बात का सम्मान करते हैं कि  एक अल्पमत की सरकार में हमें साथ मिलकर काम करना होगा।

NDP की शर्तें

जगमीत ने चुनाव से पहले ही साफ कर दिया था कि यदि गठबंधन की सरकार बनती है तो NDP के लिए क्या-क्या प्राथमिकताएं होंगी।

उन्होंने कहा था गठबंधन सरकार में NDP के लिए राष्ट्रीय फार्माकेयर योजना को समर्थन, हाउसिंग में निवेश, छात्रों के क़र्ज़ की समस्या से निपटना, मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट बिल को कम करना, क्लाइमेट एक्शन और कनाडा के अमीर लोगों पर टैक्स बढ़ाना प्राथमिकता में शामिल है।

कौन हैं जगमीत सिंह?

न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के प्रमुख जगमीत सिंह कनाडा में साउथ ओंटारियो से सांसद चुने गए हैं। इनका संबंध भारत में पंजाब के बरनाला ज़िले के ठिकरिवाल गांव से है।

जगमीत का पूरा परिवार 1993 में कनाडा शिफ़्ट हो गया था। दिसंबर 2013 में जगमीत को अमृतसर आने के लिए भारत सरकार ने वीज़ा नहीं दिया था। क्योंकि 1984 में सिख विरोधी दंगे को लेकर जगमीत हमेशा से मुखर रहे हैं। जगमीत का मानना है कि 1984 का दंगा राज्य प्रायोजित जनसंहार था।

कनाडा में सिखों का दबदबा

बता दें कि कनाडा में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। कनाडा में करीब पांच लाख सिख हैं। जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में कनाडा की कुल आबादी में अल्पसंख्यक 22.3 फ़ीसदी हो गए थे।

रिसालेदार मेजर केसर सिंह कनाडा शिफ़्ट होने वाले पहले सिख थे। 1897 के बाद कुछ ही सालों में ब्रिटिश कोलंबिया 5000 भारतीय पहुंच गए, जिनमें से 90 फ़ीसदी सिख थे। कनाडा में पंजाबी तीसरी सबसे लोकप्रिय भाषा है। कनाडा की कुल आबादी में 1.3 फ़ीसदी लोग पंजाबी समझते और बोलते हैं।